$H_2O$ द्विध्रुवीय है,जबकि $BeF_2$ नहीं है। इसका कारण क्या है?

  • A
    $H_2O$ रैखिक है और $BeF_2$ कोणीय है
  • B
    $H_2O$ कोणीय है और $BeF_2$ रैखिक है
  • C
    $F$ की विद्युत ऋणात्मकता $O$ से अधिक है
  • D
    $H_2O$ में हाइड्रोजन बंधन शामिल है जबकि $BeF_2$ एक अलग अणु है

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$HCl$ अणु की बंध लंबाई $1.275 \ \text{Å}$ है और इसका द्विध्रुव आघूर्ण (dipole moment) $1.03 \ \text{D}$ है। अणु का आयनिक लक्षण (प्रतिशत में) (इलेक्ट्रॉन का आवेश $= 4.8 \times 10^{-10} \ \text{esu}$) है

निम्नलिखित अणुओं के लिए द्विध्रुव आघूर्ण (dipole moment) का सही क्रम क्या है?

नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक को अभिकथन $A$ और दूसरे को कारण $R$ के रूप में लेबल किया गया है।
अभिकथन $A$: $NH_3$ और $NF_3$ अणुओं की आकृति पिरामिडल होती है और नाइट्रोजन परमाणु पर एक एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म (lone pair) होता है। $NH_3$ का परिणामी द्विध्रुव आघूर्ण $NF_3$ से अधिक होता है।
कारण $R$: $NH_3$ में,एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म के कारण उत्पन्न कक्षीय द्विध्रुव,$N-H$ बंधों के परिणामी द्विध्रुव आघूर्ण की ही दिशा में होता है। $F$ सबसे अधिक विद्युत ऋणात्मक तत्व है।

निम्नलिखित को द्विध्रुव आघूर्ण (dipole moment) के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित करें: $H_2O, H_2S, BF_3$.

निम्नलिखित में से कौन सा आरेख बंध की ध्रुवीयता में सही परिवर्तन को दर्शाता है?

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