(N/A) सुकेन्द्रकी में अनुलेखन की प्रक्रिया जटिल होती है और इसमें निम्नलिखित चरण शामिल होते हैं:
$(i)$ केंद्रक में तीन प्रकार के $RNA$ पॉलीमरेज़ पाए जाते हैं। $RNA$ पॉलीमरेज़ $I$,$r-RNA$ ($28S, 18S$ और $5.8S$) का अनुलेखन करता है। $RNA$ पॉलीमरेज़ $III$,$t-RNA$,$5S$ $r-RNA$ और $sn-RNAs$ (स्मॉल न्यूक्लियर $RNAs$) के अनुलेखन के लिए जिम्मेदार है। $RNA$ पॉलीमरेज़ $II$,$m-RNA$ के पूर्ववर्ती रूप का अनुलेखन करता है,जिसे हेटेरोजेनस न्यूक्लियर $RNA$ $(hn-RNA)$ कहा जाता है।
(ii) प्राथमिक प्रतिलेख में एक्सॉन और इंट्रॉन दोनों होते हैं और यह अक्रियाशील होता है। यह स्प्लिसिंग (splicing) नामक प्रक्रिया से गुजरता है,जिसमें इंट्रॉन को हटा दिया जाता है और एक्सॉन को एक निश्चित क्रम में जोड़ा जाता है। $hn-RNA$ कैपिंग (capping) और टेलिंग (tailing) प्रक्रिया से भी गुजरता है। कैपिंग में,एक असामान्य न्यूक्लियोटाइड,मिथाइल ग्वानोसिन ट्राइफॉस्फेट,$hn-RNA$ के $5'$ सिरे पर जोड़ा जाता है। टेलिंग में,$3'$ सिरे पर टेम्पलेट-स्वतंत्र तरीके से एडेनिलेट अवशेष $(200-300)$ जोड़े जाते हैं।
(iii) पूर्णतः संसाधित $hn-RNA$,जिसे अब $m-RNA$ कहा जाता है,अनुवाद (translation) के लिए केंद्रक से बाहर स्थानांतरित कर दिया जाता है।