(N/A) $1953$ में,एस. एल. मिलर ($S$. $L$. Miller) नामक अमेरिकी वैज्ञानिक ने प्रयोगशाला में पृथ्वी के आदि वातावरण जैसी स्थितियाँ उत्पन्न कीं (चित्र)।
उन्होंने एक बंद फ्लास्क में $CH_4, H_2, NH_3$ और जलवाष्प को $800\,^oC$ तापमान पर मिश्रित किया और इलेक्ट्रोड लगाकर विद्युत विसर्जन (electric discharge) उत्पन्न किया।
उन्होंने देखा कि मिश्रण में अमीनो एसिड का निर्माण हुआ था।
अन्य वैज्ञानिकों द्वारा किए गए इसी तरह के प्रयोगों में भी शर्करा,नाइट्रोजन बेस,वर्णक और वसा का निर्माण देखा गया।
पृथ्वी पर गिरने वाले उल्कापिंडों के विश्लेषण से भी ऐसे ही पदार्थ मिलते हैं,जो यह दर्शाते हैं कि अंतरिक्ष में भी ऐसी ही प्रक्रियाएं हो रही होंगी।
ऐसे सीमित प्रमाणों के साथ,रासायनिक विकास (chemical evolution) के सिद्धांत को जीवन की उत्पत्ति की पहली अवधारणा के रूप में कमोबेश स्वीकार किया गया है।