(N/A) अपनी यात्रा के दौरान,डार्विन गैलापागोस द्वीप समूह गए थे। वहां उन्होंने जीवों में एक आश्चर्यजनक विविधता देखी। विशेष रूप से छोटे काले पक्षी,जिन्हें बाद में डार्विन फिंच (Darwin's Finches) कहा गया,ने उन्हें बहुत आश्चर्यचकित किया था।
उन्होंने उसी द्वीप पर कई प्रकार की फिंच देखीं। उन्होंने अनुमान लगाया कि सभी किस्में द्वीप पर ही विकसित हुई हैं। मूल बीज-भक्षी लक्षणों के साथ-साथ,अन्य रूपों के लिए भी उनकी चोंच विकसित हुई,जिसने उन्हें कीटभक्षी और शाकाहारी फिंच बना दिया।
किसी दिए गए भौगोलिक क्षेत्र में एक बिंदु से शुरू होकर अन्य भौगोलिक क्षेत्रों (आवासों) तक विभिन्न प्रजातियों के विकास की प्रक्रिया को अनुकूली विकिरण (Adaptive Radiation) कहा जाता है।
अनुकूली विकिरण के प्रकार:
$1$. अपसारी विकास (Divergent Evolution): यह तब होता है जब एक सामान्य पूर्वज से प्रजातियां अलग-अलग वातावरण के अनुकूल होने के लिए विभिन्न रूपों में विकसित होती हैं (जैसे,डार्विन फिंच,ऑस्ट्रेलियाई मार्सुपियल्स)।
$2$. अभिसारी विकास (Convergent Evolution): यह तब होता है जब विभिन्न प्रजातियां,जो निकटता से संबंधित नहीं हैं,समान वातावरण या पारिस्थितिक तंत्र के अनुकूल होने के परिणामस्वरूप समान लक्षण विकसित करती हैं (जैसे,ऑस्ट्रेलियाई मार्सुपियल्स और प्लेसेंटल स्तनधारी)।