(N/A) अल्कोहल यौगिक मुख्य रूप से तीन प्रकार की अभिक्रियाएं प्रदर्शित करते हैं:
$1$. $O-H$ बंध के विदलन (cleavage) वाली अभिक्रियाएं: इन अभिक्रियाओं में अल्कोहल नाभिकरागी (nucleophile) के रूप में कार्य करते हैं। उदाहरण के लिए,एस्टर बनाने के लिए अल्कोहल की कार्बोक्सिलिक एसिड,एसिड क्लोराइड या एसिड एनहाइड्राइड के साथ अभिक्रिया।
$R-OH + R'COOH \xrightarrow{H^+} R-COOR' + H_2O$
$2$. $C-O$ बंध के विदलन वाली अभिक्रियाएं: इन अभिक्रियाओं में $C-O$ बंध टूटता है और अल्कोहल इलेक्ट्रॉनरागी (electrophile) के रूप में कार्य करता है। उदाहरण के लिए,अल्काइल हैलाइड बनाने के लिए हाइड्रोजन हैलाइड $(HX)$ के साथ अभिक्रिया।
$R-OH + HX \rightarrow R-X + H_2O$
$3$. अल्काइल और हाइड्रॉक्सिल समूह दोनों की अभिक्रियाएं (ऑक्सीकरण और विहाइड्रोजनीकरण): इन अभिक्रियाओं में $O-H$ और $C-H$ दोनों बंध टूटते हैं। उदाहरण के लिए,प्राथमिक अल्कोहल का ऑक्सीकरण होकर एल्डिहाइड और फिर कार्बोक्सिलिक एसिड बनना।
$R-CH_2OH$ $\xrightarrow{[O]} R-CHO$ $\xrightarrow{[O]} R-COOH$