निम्न श्रेणी के अयस्कों से कॉपर को जलधातुक्रम (hydrometallurgy) द्वारा क्यों निष्कर्षित किया जाता है?

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(N/A) निम्न श्रेणी के अयस्कों से कॉपर को जलधातुक्रम विधि द्वारा निष्कर्षित किया जाता है। अयस्क का अम्ल या बैक्टीरिया का उपयोग करके निक्षालन (leaching) किया जाता है। प्राप्त विलयन में $Cu^{2+}$ आयन होते हैं,जिन्हें लोहे के स्क्रैप या $H_2$ गैस के साथ उपचारित किया जाता है। अभिक्रिया है: $Cu^{2+}_{(aq)} + H_{2(g)} \rightarrow Cu_{(s)} + 2H^+_{(aq)}$.

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