(N/A) समन्वय संख्या: लिगेंड के उन दाता परमाणुओं की संख्या जिनसे धातु सीधे जुड़ी होती है,समन्वय संख्या कहलाती है। उदाहरण के लिए,$[PtCl_6]^{2-}$ और $[Ni(NH_3)_4]^{2+}$ संकुल आयनों में $Pt$ और $Ni$ की समन्वय संख्या क्रमशः $6$ और $4$ है। $[Fe(C_2O_4)_3]^{3-}$ और $[Co(en)_3]^{3+}$ में $Fe$ और $Co$ की समन्वय संख्या $6$ है।
समन्वय क्षेत्र: केंद्रीय परमाणु/आयन और उससे जुड़े लिगेंड को एक वर्गाकार कोष्ठक में रखा जाता है और इसे सामूहिक रूप से समन्वय क्षेत्र कहा जाता है।
आयनित होने वाले समूह को कोष्ठक के बाहर लिखा जाता है,जिसे प्रति-आयन (counter ion) कहते हैं। उदाहरण के लिए,$K_4[Fe(CN)_6]$ संकुल में $[Fe(CN)_6]^{4-}$ समन्वय क्षेत्र है और $K^+$ प्रति-आयन है।
समन्वय बहुफलक: केंद्रीय परमाणु/आयन से सीधे जुड़े लिगेंड परमाणुओं की त्रिविम व्यवस्था (spatial arrangement) से उत्पन्न ज्यामितीय संरचना को समन्वय बहुफलक कहा जाता है।