(N/A) क्लोरोबेंजीन में क्लोरीन परमाणु के अनुनाद प्रभाव के कारण $o$- और $p$-स्थानों पर इलेक्ट्रॉन घनत्व बढ़ जाता है,इसलिए यह इलेक्ट्रॉनरागी प्रतिस्थापन अभिक्रियाएं देता है:
$(i)$ हैलोजनीकरण (क्लोरीनीकरण): क्लोरोबेंजीन निर्जल $FeCl_3$ की उपस्थिति में $Cl_2$ के साथ अभिक्रिया करके $o$-डाइक्लोरोबेंजीन और $p$-डाइक्लोरोबेंजीन बनाता है।
$(ii)$ नाइट्रीकरण: क्लोरोबेंजीन सांद्र $HNO_3$ और सांद्र $H_2SO_4$ के साथ अभिक्रिया करके $1$-क्लोरो-$4$-नाइट्रोबेंजीन (मुख्य) और $1$-क्लोरो-$2$-नाइट्रोबेंजीन (अल्प) बनाता है।
$(iii)$ सल्फोनीकरण: क्लोरोबेंजीन गर्म सांद्र $H_2SO_4$ के साथ अभिक्रिया करके $4$-क्लोरोबेंजीन सल्फोनिक अम्ल (मुख्य) और $2$-क्लोरोबेंजीन सल्फोनिक अम्ल (अल्प) बनाता है।