ऐनिसोल के ब्रोमीनीकरण की रासायनिक अभिक्रिया का समीकरण दीजिए।

Vedclass pdf generator app on play store
Vedclass iOS app on app store
(N/A) ऐनिसोल का ब्रोमीनीकरण एक इलेक्ट्रॉनरागी एरोमैटिक प्रतिस्थापन अभिक्रिया है।
$1$. $-OCH_3$ समूह एक प्रबल सक्रियकारी समूह है,इसलिए यह अभिक्रिया $FeBr_3$ जैसे लुईस अम्ल उत्प्रेरक की अनुपस्थिति में भी हो जाती है।
$2$. यह अभिक्रिया एथेनोइक अम्ल $(CH_3COOH)$ में ब्रोमीन $(Br_2)$ का उपयोग करके की जाती है।
$3$. इस अभिक्रिया में ऑर्थो और पैरा समावयवियों का मिश्रण प्राप्त होता है,जिसमें $p$-ब्रोमोऐनिसोल मुख्य उत्पाद $(90\%)$ होता है।
रासायनिक समीकरण:
$C_6H_5OCH_3 + Br_2 \xrightarrow{CH_3COOH} C_6H_4(Br)OCH_3$ ($o$-ब्रोमोऐनिसोल और $p$-ब्रोमोऐनिसोल का मिश्रण)।

Explore More

Similar Questions

फिनोल को इथेनॉल से किस अभिकर्मक द्वारा अलग किया जा सकता है?

फेनिल मेथिल ईथर को $HI$ के साथ गर्म करने पर एक सुगंधित (aromatic) यौगिक $A$ प्राप्त होता है,जो सांद्र $HNO_3$ के साथ उपचारित करने पर $B$ देता है। $A$ और $B$ क्रमशः हैं

इस अभिक्रिया में उत्पाद $(Q)$ है

फिनोल की सांद्र $HNO_3$ के साथ अभिक्रिया कराने पर कौन सा उत्पाद प्राप्त होता है?

जब क्लोरोफॉर्म में फिनोल के घोल को जलीय $NaOH$ के साथ उपचारित किया जाता है,तो मुख्य उत्पाद के रूप में यौगिक $P$ प्राप्त होता है। $P$ में कार्बन का द्रव्यमान प्रतिशत $..............$ है (निकटतम पूर्णांक तक)
(परमाणु द्रव्यमान : $C = 12$; $H = 1$; $O = 16$)

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo