वैज्ञानिक कारण दीजिए: $DNA$ प्रतिकृतियन एक अर्ध-संरक्षी (semi-conservative) प्रक्रिया है।

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(N/A) $DNA$ प्रतिकृतियन के दौरान,जनक $DNA$ अणु की दो पॉलीन्यूक्लियोटाइड श्रृंखलाओं के बीच के हाइड्रोजन बंध विशिष्ट एंजाइमों की उपस्थिति में टूट जाते हैं।
ये दोनों श्रृंखलाएं एक-दूसरे से अलग हो जाती हैं।
इन अलग हुई प्रत्येक श्रृंखला पर उनकी पूरक श्रृंखला का निर्माण होता है।
प्रक्रिया के अंत में,प्रत्येक नए बने $DNA$ अणु में एक श्रृंखला जनक $DNA$ की और एक नई संश्लेषित श्रृंखला होती है।
इसलिए,यह निष्कर्ष निकलता है कि $DNA$ प्रतिकृतियन एक अर्ध-संरक्षी प्रक्रिया है।

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कौन सा एंजाइम रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन (reverse transcription) की प्रक्रिया को उत्प्रेरित करता है?

एक लंबे $DNA$ अणु की दोनों श्रृंखलाएं प्रतिकृति (replication) के दौरान पूरी तरह से अलग नहीं होती हैं क्योंकि:

नीचे दो कथन दिए गए हैं।
कथन $I$: प्रोकैरियोट्स में केवल एक रेप्लिकॉन होता है,हालाँकि यूकेरियोट्स में कई रेप्लिकॉन टैंडम (क्रम) में होते हैं।
कथन $II$: $DNA$ के एक रेप्लिकॉन में अलग हुई दो स्ट्रैंड्स को हेलिकेज एंजाइम द्वारा फिर से जुड़ने से रोका जाता है।
उपरोक्त कथनों के आलोक में,नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें।

$DNA$ की प्रतिकृति (Replication) किस दिशा में होती है?

$DNA$ प्रतिकृति (replication) के दौरान नई श्रृंखला का संश्लेषण किस दिशा में होता है?

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