(N/A) यह अभिक्रिया $PS-II$ में होती है,जो थाइलाकोइड झिल्ली के आंतरिक भाग में स्थित होता है। यह जल के अपघटन (photolysis of water) का केंद्र है,जहाँ जल के अणुओं से इलेक्ट्रॉन मुक्त होते हैं। इस प्रक्रिया के लिए $Mn^{2+}$ और $Cl^{-}$ जैसे आयन उत्प्रेरक (cofactors) के रूप में कार्य करते हैं।
$(b)$ प्रकाश संश्लेषण में जल के अपघटन का महत्व इस प्रकार है:
$(i)$ इस प्रक्रिया में $O_{2}$ मुक्त होती है,जो वायुमंडल में ऑक्सीजन का मुख्य स्रोत है और पृथ्वी पर प्रत्येक जीवित जीव के लिए आवश्यक है।
$(ii)$ उत्पन्न हाइड्रोजन आयन $(H^{+})$ थाइलाकोइड झिल्ली पर प्रोटॉन प्रवणता (proton gradient) बनाने में मदद करते हैं और $NADP^{+}$ का अपचयन करके $NADPH$ बनाते हैं,जो एक शक्तिशाली अपचायक (reducing agent) है।
$(iii)$ मुक्त हुए इलेक्ट्रॉन $(e^{-})$ इलेक्ट्रॉन परिवहन प्रणाली के माध्यम से $PS-II$ से $PS-I$ तक जाते हैं,जो $ATP$ के संश्लेषण के लिए आवश्यक है।