धातुओं $A, B$ और $C$ के कार्य फलन क्रमशः $1.92 \ eV, 2.0 \ eV$ और $5 \ eV$ हैं। आइंस्टीन के प्रकाश-विद्युत समीकरण के अनुसार,$4100 \ \mathring A$ तरंगदैर्ध्य वाले विकिरण से किस धातु (धातुओं) से फोटोइलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होंगे?

  • A
    कोई नहीं
  • B
    केवल $A$
  • C
    केवल $A$ और $B$
  • D
    तीनों धातुएं

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एक उत्सर्जक सतह पर आपतित एकवर्णी प्रकाश की आवृत्ति $f$ है। यदि सतह के लिए देहली आवृत्ति (threshold frequency) $f_0$ है,तो उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा ....... है।

जब $4.2 \text{ eV}$ ऊर्जा के फोटॉन $10 \text{ cm}$ त्रिज्या और $2.4 \text{ eV}$ कार्य फलन वाले एक प्रकाश-संवेदी धात्विक गोले पर आपतित होते हैं,तो फोटोइलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होते हैं। उत्सर्जन रुकने से पहले उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉनों की संख्या क्या है?
$\left[\frac{1}{4 \pi \epsilon_0}=9 \times 10^9 \text{ SI unit; } e=1.6 \times 10^{-19} \text{ C}\right]$

एक प्रकाश-विद्युत प्रयोग में,$I$ तीव्रता और $f$ आवृत्ति के प्रकाश द्वारा धातुओं $X$ और $Y$ से इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होते हैं। इलेक्ट्रॉनों को रोकने के लिए आवश्यक विभवांतर $V$ को विभिन्न आवृत्तियों के लिए मापा जाता है। यदि $Y$ का कार्य फलन $X$ से अधिक है,तो निम्नलिखित में से कौन सा ग्राफ अपेक्षित परिणामों को सबसे अच्छी तरह दर्शाता है?

जब किसी धातु का कार्य फलन (work function) बढ़ता है,तो उत्सर्जित प्रकाशिक इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा:

जब एक धात्विक सतह को $\lambda$ तरंगदैर्ध्य के एकवर्णी प्रकाश से प्रकाशित किया जाता है,तो निरोधी विभव (stopping potential) $5V_0$ होता है। जब उसी सतह को $3\lambda$ तरंगदैर्ध्य के प्रकाश से प्रकाशित किया जाता है,तो निरोधी विभव $V_0$ होता है। तब धात्विक सतह का कार्य फलन (work function) क्या है?

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