अमोनिया क्षारीय माध्यम में कॉपर आयनों के साथ अभिक्रिया करके $[Cu(NH_3)_4]^{2+}$ संकुल आयन बनाता है,लेकिन अम्लीय विलयन में यह संकुल आयन नहीं बनाता है। क्यों?

  • A
    क्योंकि अम्लीय विलयन कॉपर आयनों को जलयोजन (hydration) से बचाता है।
  • B
    क्योंकि अम्लीय विलयन में अमोनिया के अणु प्रोटॉन ग्रहण करके $NH_4^+$ आयन बनाते हैं।
  • C
    क्योंकि क्षारीय विलयन में $Cu(OH)_2$ का अवक्षेप प्राप्त होता है,जो अतिरिक्त क्षार में घुल जाता है।
  • D
    क्योंकि कॉपर हाइड्रॉक्साइड एक उभयधर्मी पदार्थ है।

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$[Fe(CN)_6]^{3-}$ संकुल आयन

नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक को "अभिकथन $A$" और दूसरे को "कारण $R$" के रूप में लेबल किया गया है।
अभिकथन $A$: संकुल $Ni(CO)_4$ और $Fe(CO)_5$ में,धातुओं की ऑक्सीकरण अवस्था शून्य होती है।
कारण $R$: निम्न ऑक्सीकरण अवस्थाएँ तब पाई जाती हैं जब एक संकुल में $\sigma$-आबंधन के अलावा $\pi$-दाता गुण वाले लिगेंड होते हैं।
उपरोक्त कथनों के आलोक में,नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें।

$\pi$-acid लिगेंड्स हैं

कौन सा संकुल लाल प्रकाश की तरंगदैर्ध्य को अवशोषित करता है?

दी गई अभिक्रिया के प्रकार के लिए $A, B, C, D$ निर्दिष्ट करें: $Fe(CN)_3 \downarrow + 3KCN \longrightarrow K_3[Fe(CN)_6]$

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