$\gamma$-किरणों का उपयोग इलेक्ट्रॉन-पॉज़िट्रॉन युग्म बनाने के लिए किया जा सकता है। युग्म उत्पादन (pair production) की इस प्रक्रिया में,$\gamma$-किरणों की ऊर्जा ....... $MeV$ से कम नहीं हो सकती है।

  • A
    $5$
  • B
    $4.02$
  • C
    $15$
  • D
    $1.02$

Explore More

Similar Questions

$M + \Delta m$ द्रव्यमान का एक नाभिक विरामावस्था में है और समान द्रव्यमान $\frac{M}{2}$ के दो संतति नाभिकों में क्षयित होता है। प्रकाश की गति $c$ है। जनक नाभिक के लिए प्रति न्यूक्लियॉन बंधन ऊर्जा $E_1$ है और संतति नाभिकों के लिए यह $E_2$ है। तब:

नाइट्रोजन नाभिक $\left(^{14}_{7} N \right)$ की बंधन ऊर्जा ($MeV$ में) ज्ञात कीजिए,दिया गया है $m\left(^{14}_{7} N \right)=14.00307 \; u$। (दिया है: $m_{H} = 1.007825 \; u$,$m_{n} = 1.008665 \; u$) ($; MeV$ में)

प्रोटॉन, न्यूट्रॉन और हीलियम नाभिक का द्रव्यमान क्रमशः $1.0073\,u$, $1.0087\,u$ और $4.0015\,u$ है। हीलियम नाभिक की बंधन ऊर्जा $.........\,MeV$ है।

कथन : $A > 100$ परमाणु द्रव्यमान संख्या वाले नाभिकों के लिए प्रति न्यूक्लियॉन बंधन ऊर्जा $A$ के साथ घटती है।
कारण : भारी नाभिकों के लिए नाभिकीय बल कमजोर होते हैं।

$1\,mg$ पदार्थ के समतुल्य ऊर्जा $MeV$ में कितनी होगी?

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo