कणों के निकाय का कोणीय संवेग परिवर्तित होता है, यदि:

  • A
    निकाय पर बल कार्य करता है।
  • B
    निकाय पर बल आघूर्ण (टॉर्क) कार्य करता है।
  • C
    वेग की दिशा परिवर्तित होती है।
  • D
    उपरोक्त में से कोई नहीं।

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$m = 5$ इकाई द्रव्यमान का एक कण $XOY$ तल में $Y = X + 4$ रेखा की दिशा में $v = 3\sqrt{2}$ इकाई की एकसमान चाल से गति कर रहा है। तो मूल बिंदु के परितः कोणीय संवेग का परिमाण ...... इकाई होगा।

चित्र में दर्शाए अनुसार $m$ द्रव्यमान का एक कण $PC$ रेखा पर $v$ वेग से गति कर रहा है। $O$ के परितः कण का कोणीय संवेग क्या होगा?

$2 \,kg$ द्रव्यमान और $20 \,cm$ त्रिज्या वाले एक खोखले बेलन पर $20 \,Nms$ का कोणीय आवेग लगाया जाता है। इसकी कोणीय चाल में परिवर्तन ............. $rad/s$ है।

किसी कण के कोणीय संवेग की व्याख्या कीजिए और दर्शाइए कि यह संदर्भ बिंदु के सापेक्ष रैखिक संवेग का आघूर्ण (moment) है।

$2\ kg$ द्रव्यमान और $0.2\ m$ त्रिज्या वाला एक ठोस बेलन अपनी अक्ष के परितः बिना घर्षण के $3\ rad/s$ के कोणीय वेग से घूम रहा है। $0.5\ kg$ द्रव्यमान का एक कण $5\ m/s$ के वेग से गति करते हुए बेलन से टकराता है और चित्र में दिखाए अनुसार उससे चिपक जाता है। टक्कर से पहले बेलन का कोणीय संवेग ........ $J-s$ होगा।

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