एक दिक्सूचक सुई एक क्षैतिज तल में घूमने के लिए स्वतंत्र है। इसका चुंबकीय आघूर्ण $60 \ Am^2$ है। जब यह भौगोलिक उत्तर की ओर इंगित करती है,तो पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र के कारण इस पर $1.2 \times 10^{-3} \ Nm$ का बल आघूर्ण (टॉर्क) कार्य करता है। यदि पृथ्वी का क्षैतिज चुंबकीय क्षेत्र $40 \times 10^{-6} \ T$ है,तो उस स्थान पर दिक्पात (declination) कितने डिग्री है?

  • A
    $60$
  • B
    $45$
  • C
    $30$
  • D
    $0$

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पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र का क्षैतिज घटक $0.22 \ G$ है और कुल चुंबकीय क्षेत्र $0.4 \ G$ है। नमन कोण (angle of dip) है:

स्वतंत्र रूप से लटका हुआ चुंबक किस दिशा में स्थिर होता है? समझाइए।

अफ्रीका में एक निश्चित स्थान पर,एक दिक्सूचक (compass) भौगोलिक उत्तर से $12^{\circ}$ पश्चिम की ओर संकेत करता है। चुंबकीय याम्योत्तर (magnetic meridian) के तल में रखे गए नति मापी (dip circle) की चुंबकीय सुई का उत्तरी सिरा क्षैतिज से $60^{\circ}$ ऊपर की ओर संकेत करता है। पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र का क्षैतिज घटक $0.16 \; G$ मापा जाता है। उस स्थान पर पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र की दिशा और परिमाण ज्ञात कीजिए।

$Z_E, H_E$ और $B_E$ के बीच का संबंध . . . . . . है।

भौगोलिक याम्योत्तर (geographic meridian) और चुंबकीय याम्योत्तर (magnetic meridian) की व्याख्या कीजिए।

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