एक लंबे परिनालिका (solenoid) में प्रति मीटर $n$ फेरे हैं और इसमें $I \ A$ की धारा प्रवाहित हो रही है। परिनालिका के सिरों पर चुंबकीय क्षेत्र है

  • A
    $\frac{\mu_0 nI}{2}$
  • B
    $\mu_0 nI$
  • C
    शून्य
  • D
    $2\mu_0 nI$

Explore More

Similar Questions

$2\,m$ लंबी और $0.2\,m$ व्यास वाली एक कांच की नली पर $1200$ फेरों वाली एक परिनालिका (solenoid) समान रूप से लपेटी गई है। जब इसमें $2\,A$ की धारा प्रवाहित होती है,तो परिनालिका के केंद्र पर चुंबकीय तीव्रता क्या होगी?

एम्पियर का परिपथीय नियम लिखिए और इसके गणितीय व्यंजक को समझाइए।

कथन : यदि एक परिनालिका (solenoid) में धारा की दिशा को उलट दिया जाए जबकि उसका परिमाण समान रखा जाए,तो परिनालिका में संचित चुंबकीय क्षेत्र ऊर्जा घट जाती है।
कारण : चुंबकीय क्षेत्र ऊर्जा घनत्व धारा के वर्ग के समानुपाती होता है।

एक परिमित परिनालिका (solenoid) के अक्षीय चुंबकीय क्षेत्र की गणना कीजिए।

प्रति मीटर $1000$ फेरों वाली एक परिनालिका (solenoid) में $400$ सापेक्ष पारगम्यता (relative permeability) वाला एक क्रोड (core) है। परिनालिका की वाइंडिंग क्रोड से अछूता है और परिनालिका से $2 \ A$ की धारा प्रवाहित की जाती है। तो परिनालिका के अंदर चुंबकीय तीव्रता का मान क्या है?

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo