एक कण $f$ आवृत्ति के साथ सरल आवर्त गति करता है। वह आवृत्ति जिसके साथ इसकी गतिज ऊर्जा दोलन करती है,है

  • A
    $f/2$
  • B
    $f$
  • C
    $2f$
  • D
    $4f$

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एक कण माध्य स्थिति से गति शुरू करता है और $4 \ s$ के आवर्तकाल के साथ $S.H.M.$ करता है। कितने समय पर इसकी गतिज ऊर्जा इसकी कुल ऊर्जा का $50 \%$ होगी ($s$ में)?

सरल आवर्त गति कर रहे एक कण की गतिज ऊर्जा $(KE)$ का विस्थापन $(x)$ के साथ परिवर्तन,माध्य स्थिति से चरम स्थिति $(A)$ तक,किस आरेख द्वारा दिया गया है?

$1\,kg$ द्रव्यमान का एक पिंड सरल आवर्त गति कर रहा है। $t$ सेकंड पर इसका विस्थापन $y$ ($cm$ में) $y = 6\sin(100t + \pi/4)$ द्वारा दिया गया है। इसकी अधिकतम गतिज ऊर्जा ..... $J$ है।

एक सरल आवर्त दोलक का सामान्य विस्थापन $x = A \sin \omega t$ है। मान लीजिए $T$ इसका आवर्तकाल है। इसके स्थितिज ऊर्जा $(U)$ - समय $(t)$ वक्र की ढाल तब अधिकतम होगी जब $t = \frac{T}{\beta}$ हो। $\beta$ का मान $.........$ है।

सरल आवर्त दोलक का विस्थापन ज्ञात कीजिए जिस पर उसकी स्थितिज ऊर्जा $(PE)$ दोलक की अधिकतम ऊर्जा की आधी हो।

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