कथन : धातु कार्बोनिल में $C-O$ बंध लंबा होता है।
कारण : धातु के भरे हुए $d$-कक्षकों से $CO$ लिगेंड के खाली $\pi^*$ कक्षकों में इलेक्ट्रॉनों का विस्थानीकरण होता है।

  • A
    यदि कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण,कथन की सही व्याख्या है।
  • B
    यदि कथन और कारण दोनों सही हैं लेकिन कारण,कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C
    यदि कथन सही है लेकिन कारण गलत है।
  • D
    यदि कथन और कारण दोनों गलत हैं।

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नीचे दो कथन दिए गए हैं:
कथन $I$: $M - C \sigma$ आबंध कार्बोनिल कार्बन पर उपस्थित इलेक्ट्रॉनों के एकाकी युग्म के धातु के रिक्त कक्षक में दान द्वारा बनता है।
कथन $II$: $M - C \pi$ आबंध धातु के भरे हुए $d$-कक्षक से कार्बन मोनोऑक्साइड के रिक्त प्रतिआबंधी $\pi^*$ कक्षक में इलेक्ट्रॉनों के एक युग्म के दान द्वारा बनता है।
उपर्युक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए:

निम्नलिखित में से कौन से ऑर्गेनोमेटैलिक यौगिक हैं? $(I)$ ग्रिग्नार्ड अभिकर्मक $(II)$ ट्राईमिथाइल बोरोन $(III)$ सोडियम मेथॉक्साइड $(IV)$ $TEL$

निम्नलिखित में से कौन सा एक ऑर्गेनोमेटेलिक (धात्विक कार्बनिक) यौगिक नहीं है?

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$Mn_2(CO)_{10}$ किसकी उपस्थिति के कारण एक ऑर्गेनोमेटैलिक यौगिक है?

Zeise's salt का सही संरचनात्मक सूत्र है

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