कथन $(A)$: प्रकाशवैद्युत प्रभाव प्रकाश की तरंग प्रकृति को प्रदर्शित करता है।
कारण $(R)$: प्रकाशवैद्युत इलेक्ट्रॉनों की संख्या प्रकाश की आवृत्ति के सीधे आनुपातिक होती है।

  • A
    $(A)$ और $(R)$ दोनों सत्य हैं और $(R)$,$(A)$ की सही व्याख्या है।
  • B
    $(A)$ और $(R)$ दोनों सत्य हैं लेकिन $(R)$,$(A)$ की सही व्याख्या नहीं है।
  • C
    $(A)$ सत्य है लेकिन $(R)$ असत्य है।
  • D
    $(A)$ और $(R)$ दोनों असत्य हैं।

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कथन $(A)$: प्रकाश-विद्युत प्रभाव में,प्रकाश की तीव्रता बढ़ाने पर,उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की संख्या और उनमें से प्रत्येक की गतिज ऊर्जा दोनों बढ़ जाती हैं,लेकिन प्रकाश-विद्युत धारा अपरिवर्तित रहती है।
कारण $(R)$: प्रकाश-विद्युत धारा केवल प्रकाश की तरंगदैर्ध्य पर निर्भर करती है।

प्रकाश की द्वैत प्रकृति किसके द्वारा प्रदर्शित होती है?

प्रकाशवैद्युत प्रभाव के एक प्रयोग में तीन अलग-अलग धातुओं $p, q$ और $r$ की प्लेटों का उपयोग किया गया,जिनके कार्य फलन क्रमशः $\phi_p = 2.0\ eV$,$\phi_q = 2.5\ eV$ और $\phi_r = 3.0\ eV$ हैं। समान तीव्रता वाले तीन विकिरण जिनकी तरंगदैर्घ्य $550\ nm, 450\ nm$ और $350\ nm$ हैं,इन प्लेटों पर आपतित किए जाते हैं। प्रयोग के परिणामों के लिए निम्नलिखित में से कौन सा $I \rightarrow V$ ग्राफ सही है? $(hc = 1240\ eV\ nm)$

एक फोटोसेल का एनोड वोल्टेज स्थिर रखा जाता है। कैथोड पर गिरने वाले प्रकाश की तरंगदैर्ध्य $\lambda$ को धीरे-धीरे बदला जाता है। फोटोसेल की प्लेट धारा $I$ इस प्रकार बदलती है:

निम्नलिखित में से कौन $EM$ विकिरणों की क्वांटम प्रकृति का समर्थन करता है?
$(A)$ प्रकाश-विद्युत प्रभाव (Photoelectric effect)
$(B)$ कॉम्पटन प्रभाव (Compton effect)
$(C)$ डॉप्लर प्रभाव (Doppler effect)
$(D)$ क्षेत्र प्रभाव (Field effect)

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