(N/A) $\Rightarrow$ अमीनो एसिड कार्बनिक यौगिक होते हैं जिनमें एक ही कार्बन,यानी $\alpha$-कार्बन पर अमीनो समूह और अम्लीय समूह प्रतिस्थापित होते हैं। इसलिए,इन्हें $\alpha$-अमीनो एसिड कहा जाता है।
$\Rightarrow$ $\alpha$-कार्बन की चार संयोजकता स्थितियों पर चार प्रतिस्थापी समूह होते हैं। ये एक हाइड्रोजन परमाणु,एक कार्बोक्सिल समूह $(-COOH)$,एक अमीनो समूह $(-NH_2)$ और $R$ समूह के रूप में नामित एक परिवर्तनशील समूह हैं।
$\Rightarrow$ इन प्रोटीनयुक्त अमीनो एसिड में $R$ समूह एक हाइड्रोजन परमाणु (ग्लाइसिन में),एक मिथाइल समूह (एलेनिन में),एक हाइड्रोक्सी मिथाइल समूह (सेरीन में) आदि हो सकता है।
$\Rightarrow$ अमीनो एसिड के रासायनिक और भौतिक गुण मुख्य रूप से अमीनो,कार्बोक्सिल और $R$ कार्यात्मक समूहों द्वारा निर्धारित होते हैं।
$\Rightarrow$ अमीनो और कार्बोक्सिल समूहों की संख्या के आधार पर,अमीनो एसिड को अम्लीय (जैसे,ग्लूटामिक एसिड),क्षारीय (जैसे,लाइसिन) या उदासीन (जैसे,वैलिन) अमीनो एसिड में वर्गीकृत किया जा सकता है। इसी तरह,एरोमैटिक अमीनो एसिड (जैसे,टायरोसिन,फेनिलएलनिन,ट्रिप्टोफैन) भी होते हैं।
$\Rightarrow$ अमीनो एसिड का एक विशेष गुण $-NH_2$ और $-COOH$ समूहों की आयनित होने की प्रकृति है। परिणामस्वरूप,विभिन्न pH वाले घोलों में अमीनो एसिड की संरचना बदल जाती है और एक विशिष्ट pH पर यह ज़्विटर आयनिक संरचना बनाता है।