(N/A) $(i)$ नाइट्रेट:
तापीय स्थिरता: $LiNO_3$ को छोड़कर,क्षार धातुओं के नाइट्रेट गर्म करने पर नाइट्राइट बनाते हैं $(2MNO_3 \longrightarrow 2MNO_2 + O_2)$। $LiNO_3$ और सभी क्षारीय मृदा धातुओं के नाइट्रेट गर्म करने पर ऑक्साइड में विघटित हो जाते हैं $(2M(NO_3)_2 \longrightarrow 2MO + 4NO_2 + O_2)$। दोनों समूहों में नीचे जाने पर तापीय स्थिरता बढ़ती है।
विलेयता: समूह $1$ और समूह $2$ दोनों के नाइट्रेट पानी में विलेय होते हैं।
$(ii)$ कार्बोनेट:
तापीय स्थिरता: क्षार धातुओं के कार्बोनेट ($Li_2CO_3$ को छोड़कर) गर्मी के प्रति स्थिर होते हैं। $Li_2CO_3$ और सभी क्षारीय मृदा धातुओं के कार्बोनेट गर्म करने पर ऑक्साइड और $CO_2$ में विघटित हो जाते हैं $(MCO_3 \longrightarrow MO + CO_2)$।
विलेयता: क्षार धातुओं के कार्बोनेट पानी में विलेय होते हैं ($Li_2CO_3$ को छोड़कर),और समूह में नीचे जाने पर विलेयता बढ़ती है। क्षारीय मृदा धातुओं के कार्बोनेट पानी में अघुलनशील होते हैं।
$(iii)$ सल्फेट:
तापीय स्थिरता: समूह $1$ और समूह $2$ दोनों के सल्फेट गर्मी के प्रति स्थिर होते हैं।
विलेयता: क्षार धातुओं के सल्फेट पानी में विलेय होते हैं। क्षारीय मृदा धातुओं के लिए,समूह में नीचे जाने पर विलेयता घटती है $(BeSO_4 > MgSO_4 > CaSO_4 > SrSO_4 > BaSO_4)$।