$C_4H_9Br$ आण्विक सूत्र वाले यौगिक $A$ को जलीय $KOH$ विलयन के साथ उपचारित किया जाता है। इस अभिक्रिया की दर केवल यौगिक $A$ की सांद्रता पर निर्भर करती है। जब इस यौगिक के एक अन्य प्रकाशिक सक्रिय समावयवी $B$ को जलीय $KOH$ विलयन के साथ उपचारित किया गया,तो अभिक्रिया की दर यौगिक और $KOH$ दोनों की सांद्रता पर निर्भर पाई गई।
$(i)$ दोनों यौगिकों $A$ और $B$ के संरचनात्मक सूत्र लिखिए।
$(ii)$ इन दो यौगिकों में से,कौन सा यौगिक प्रतिलोमित विन्यास (inverted configuration) वाले उत्पाद में परिवर्तित होगा?

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(B) $(i)$ यौगिक $A$ $2$-ब्रोमो-$2$-मिथाइलप्रोपेन,$(CH_3)_3CBr$ है। जलीय $KOH$ के साथ इसकी अभिक्रिया $S_N1$ क्रियाविधि का पालन करती है,जहाँ दर केवल एल्काइल हैलाइड की सांद्रता पर निर्भर करती है।
यौगिक $B$ $2$-ब्रोमोब्यूटेन,$CH_3CH(Br)CH_2CH_3$ है। यह प्रकाशिक रूप से सक्रिय है और जलीय $KOH$ के साथ इसकी अभिक्रिया $S_N2$ क्रियाविधि का पालन करती है,जहाँ दर एल्काइल हैलाइड और न्यूक्लियोफाइल $(OH^-)$ दोनों की सांद्रता पर निर्भर करती है।
$(ii)$ यौगिक $B$ प्रतिलोमित विन्यास वाले उत्पाद में परिवर्तित हो जाएगा क्योंकि $S_N2$ अभिक्रियाएं वाल्डन प्रतिलोमन (Walden inversion) के साथ आगे बढ़ती हैं।

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दी गई अभिक्रिया में प्राप्त मुख्य उत्पाद है:

$S_{N}1$ और $S_{N}2$ अभिक्रियाओं के बीच मुख्य अंतरों को सूचीबद्ध करें।

ऐल्किल हैलाइड की विलोपन (Elimination) अभिक्रियाओं को समझाइए।
अथवा
ऐल्किल हैलाइड के विहाइड्रोहैलोजनीकरण ($\beta$-विलोपन) को समझाइए।

$C-X$ बंध की ध्रुवीयता का सही क्रम क्या है?

निम्नलिखित अभिक्रिया अनुक्रम में $X$ और $Y$ क्या हैं?

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