तनुकरण करने पर एक प्रबल विद्युत अपघट्य की चालकता कैसे बदलती है?

  • A
    तनुकरण पर बढ़ती है
  • B
    तनुकरण पर काफी नहीं बदलती है
  • C
    तनुकरण पर घटती है
  • D
    घनत्व पर निर्भर करती है

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$0.05 \ M$ $KCl$ में डूबे हुए एक चालकता सेल का प्रतिरोध $600 \ \Omega$ है। यदि चालकता $0.0015 \ \Omega^{-1} \ cm^{-1}$ है,तो सेल स्थिरांक का मान क्या है ($cm^{-1}$ में)?

एक कंडक्टेंस सेल में $0.1\, M\, KCl$ विलयन का प्रतिरोध $300\, \Omega$ है और चालकता $0.013\, S\, cm^{-1}$ है। सेल स्थिरांक का मान क्या होगा?

नीचे दो कथन दिए गए हैं:
अभिकथन $(A)$: तनुकरण करने पर विद्युत अपघट्य की चालकता घट जाती है।
कारण $(R)$: तनुकरण करने पर प्रति इकाई आयतन में आयनों की संख्या बढ़ जाती है।
सही उत्तर है:

$0.4 \ M \ KCl$ विलयन की मोलर चालकता $2.5 \times 10^2 \ \Omega^{-1} \ cm^2 \ mol^{-1}$ है। विलयन की प्रतिरोधकता (resistivity) क्या है?

कथन : तनुकरण बढ़ाने पर,विशिष्ट चालकता बढ़ती रहती है।
कारण : तनुकरण बढ़ाने पर,दुर्बल विद्युत अपघट्य के आयनन की मात्रा बढ़ती है और आयनों की गतिशीलता भी बढ़ती है।

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