(N/A) $\rightarrow$ यह ऊतक घन के आकार की कोशिकाओं की एक एकल परत से बना होता है। प्रत्येक कोशिका में केंद्र में स्थित एक गोलाकार केंद्रक होता है।
$\rightarrow$ इस ऊतक की कोशिकाओं की मुक्त सतह पर कभी-कभी सूक्ष्म रसांकुर (microvilli) होते हैं जो अवशोषण के लिए सतह क्षेत्र को बढ़ाते हैं,उदाहरण के लिए,वृक्क नलिका (renal tubule) में।
$\rightarrow$ स्थान: यह ऊतक सामान्यतः ग्रंथियों की नलिकाओं और वृक्क (kidney) में नेफ्रॉन के नलिकाकार भागों में पाया जाता है।
$\rightarrow$ अंडाशय और वृषण में इन कोशिकाओं को जनन उपकला (germinal epithelium) कहा जाता है।
$\rightarrow$ कार्य: ये कोशिकाएं स्राव (जैसे जठर रस और आंतों का रस),उत्सर्जन और अवशोषण जैसी प्रक्रियाओं में भाग लेती हैं।