(A) In situ (स्व-स्थाने) संरक्षण का अर्थ है संकटग्रस्त प्रजातियों की रक्षा के लिए संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र और उसकी जैव विविधता का सभी स्तरों पर संरक्षण करना।
चूंकि सभी पारिस्थितिकी तंत्रों का संरक्षण करना आर्थिक रूप से संभव नहीं है,इसलिए निम्नलिखित विधियों का उपयोग किया जाता है:
$1$. जैव विविधता हॉटस्पॉट (Biodiversity Hotspots): ये वे क्षेत्र हैं जहाँ प्रजातियों की समृद्धि बहुत अधिक होती है,स्थानिक प्रजातियों (endemism) की उच्च डिग्री होती है और आवास का नुकसान तेजी से हो रहा होता है।
- वर्तमान में विश्व में $34$ हॉटस्पॉट हैं।
- भारत में तीन हॉटस्पॉट हैं: पश्चिमी घाट और श्रीलंका,इंडो-बर्मा और पूर्वी हिमालय।
- ये हॉटस्पॉट पृथ्वी के $2 \%$ से भी कम भूमि क्षेत्र को कवर करते हैं,लेकिन यहाँ अत्यधिक विविधता पाई जाती है। इन क्षेत्रों के सख्त संरक्षण से सामूहिक विलुप्ति को $30 \%$ तक कम किया जा सकता है।
$2$. संरक्षित क्षेत्र (Protected Areas): ये पारिस्थितिक रूप से अद्वितीय और जैव विविधता से समृद्ध क्षेत्रों के रखरखाव के लिए समर्पित क्षेत्र हैं।
- $(a)$ राष्ट्रीय उद्यान (National Parks): ये सरकार द्वारा प्रबंधित क्षेत्र हैं जहाँ खेती,चराई और वानिकी जैसी गतिविधियाँ प्रतिबंधित हैं। भारत का पहला राष्ट्रीय उद्यान हेली नेशनल पार्क $(1936)$ था।
- $(b)$ वन्यजीव अभयारण्य (Sanctuaries): ये ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ जंगली जानवर बिना शिकार के डर के रह सकते हैं। यहाँ वन उत्पादों को इकट्ठा करने और लकड़ी काटने जैसी गतिविधियाँ अनुमत हैं।
- $(c)$ जैव मंडल आरक्षित क्षेत्र (Biosphere Reserves): ये बड़े संरक्षित क्षेत्र हैं जो आनुवंशिक विविधता,वन्यजीवों और जनजातीय समुदायों की पारंपरिक जीवन शैली को संरक्षित करने के लिए बनाए गए हैं।