(N/A) उदाहरण: $SF_6$ अणु।
$1$. सल्फर $(S)$ का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास: परमाणु क्रमांक $Z=16$,विन्यास $[Ne] 3s^2 3p^4$ है।
$2$. उत्तेजित अवस्था: उत्तेजित अवस्था में,$3s$ और $3p$ कक्षकों से इलेक्ट्रॉन $3d$ कक्षकों में चले जाते हैं,जिससे छह अर्ध-पूर्ण कक्षक प्राप्त होते हैं: एक $3s$,तीन $3p$ और दो $3d$ कक्षक।
$3$. $sp^3d^2$ संकरण: ये छह अर्ध-पूर्ण कक्षक संकरण करके छह समान $sp^3d^2$ संकर कक्षक बनाते हैं। ये कक्षक अष्टफलकीय आकार में $90^{\circ}$ के कोण पर व्यवस्थित होते हैं।
$4$. बंध निर्माण: $S$ के प्रत्येक छह $sp^3d^2$ संकर कक्षक फ्लोरीन $(F)$ परमाणु $([He] 2s^2 2p^5)$ के अर्ध-पूर्ण $2p$ कक्षक के साथ अक्षीय रूप से अतिव्यापन (overlap) करके छह $S-F$ सिग्मा बंध बनाते हैं।