(N/A) पूर्ण संरचनात्मक सूत्र (डैश सूत्र):
$(i)$ सहसंयोजक बंध को एक डैश $(-)$ या एक छोटी रेखा द्वारा दर्शाया जाता है।
$(ii)$ संरचना में,प्रत्येक डैश $(-)$ एक आबंधी इलेक्ट्रॉन युग्म या दो आबंधी इलेक्ट्रॉनों को दर्शाता है।
$(iii)$ एक एकल डैश $(-)$ एकल बंध को दर्शाता है।
$(iv)$ द्वि-बंध को दो डैश $(=)$ द्वारा दर्शाया जाता है।
$(v)$ त्रि-बंध को तीन डैश $(\equiv)$ द्वारा दर्शाया जाता है।
$(vi)$ विषम परमाणुओं (जैसे $O, N, S, X$ आदि) पर मौजूद एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्मों को दर्शाया जा सकता है या नहीं भी।
$(vii)$ पूर्ण संरचना प्राप्त करने के लिए प्रत्येक दो परमाणुओं को एक डैश $(-)$ द्वारा जोड़ा जाता है।
उदाहरण: एथेन $(CH_3-CH_3)$,एथीन $(CH_2=CH_2)$,एथाइन $(CH\equiv CH)$।
$(b)$ संघनित संरचनात्मक सूत्र:
इन संरचनात्मक सूत्रों को सहसंयोजक बंधों को दर्शाने वाले कुछ या सभी डैश को हटाकर और किसी परमाणु से जुड़े समान समूहों की संख्या को सबस्क्रिप्ट द्वारा इंगित करके और अधिक संक्षिप्त किया जा सकता है।
$(i)$ संरचना में,डैश द्वारा दर्शाए गए सभी एकल बंध नहीं लिखे जाते हैं।
$(ii)$ इन सूत्रों को दोहराव वाली संरचनात्मक इकाई को कोष्ठक में रखकर और संरचनात्मक इकाई के दोहराव की संख्या को दर्शाने के लिए सबस्क्रिप्ट के रूप में एक पूर्णांक रखकर संघनित किया जा सकता है।
$(iii)$ $C$ और विषम परमाणुओं के बीच मौजूद बहु-बंधों को भी नहीं लिखा जाता है।
उदाहरण: $CH_3-CO-CH_3$ के बजाय $CH_3COCH_3$ लिखा जाता है।
उदाहरण: $CH_3-CH_2-CH_2-CH_2-CH_2-CH_2-CH_2-CH_3$ की संघनित संरचना को $CH_3(CH_2)_6CH_3$ के रूप में लिखा जाता है।
$(c)$ बंध-रेखा संरचनात्मक सूत्र:
इस निरूपण में,कार्बन और हाइड्रोजन परमाणुओं को नहीं दिखाया जाता है,और कार्बन-कार्बन बंधों की श्रृंखला को एक ज़िग-ज़ैग रेखा के रूप में खींचा जाता है। रेखा के सिरे मिथाइल समूहों $(CH_3)$ को दर्शाते हैं,और प्रतिच्छेदन बिंदु मेथिलीन $(CH_2)$ या मेथाइन $(CH)$ समूहों को दर्शाते हैं। विषम परमाणुओं को स्पष्ट रूप से लिखा जाता है।