(N/A) $1.$ ओसवाल्ड एवेरी, कॉलिन मैकलियोड और मैकलिन मैक्कार्टी $(1933-44)$: इन्होंने ग्रिफिथ के प्रयोग में 'रूपांतरणकारी सिद्धांत' $(transforming\, principle)$ की जैव-रासायनिक प्रकृति निर्धारित करने के लिए कार्य किया। इन्होंने DNase, RNase और प्रोटीएज जैसे एंजाइमों का उपयोग करके यह सिद्ध किया कि $DNA$ ही आनुवंशिक पदार्थ है, न कि प्रोटीन या $RNA$।
$2.$ मैथ्यू मेसेलसन और फ्रैंकलिन स्टाहल $(1958)$: इन्होंने $^{15}N$ (भारी नाइट्रोजन) युक्त माध्यम में विकसित $E. coli$ का उपयोग करके प्रयोग किया और फिर उन्हें $^{14}N$ (हल्के नाइट्रोजन) माध्यम में स्थानांतरित किया। इनके परिणामों ने सिद्ध किया कि $DNA$ का प्रतिकृतियन अर्ध-संरक्षी $(semi-conservative)$ होता है।