संयोजकता आबंध सिद्धांत (Valence Bond Theory) की व्याख्या कीजिए।

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(N/A) लिगेंड के प्रभाव में धातु परमाणु या आयन संकरण के लिए $(n-1)d, ns, np$ या $ns, np, nd$ कक्षक उपलब्ध कराते हैं,जिससे अष्टफलकीय,चतुष्फलकीय,वर्ग समतलीय आदि जैसी निश्चित ज्यामिति वाली समान कक्षकों का एक समूह प्राप्त होता है। उपलब्ध धातु आयन कक्षकों की संख्या इसकी समन्वय संख्या (coordination number) के बराबर होती है।
तालिका: कक्षकों की संख्या और संकरण के प्रकार
| समन्वय संख्या | संकरण का प्रकार | अंतरिक्ष में संकर कक्षकों का वितरण |
| :--- | :--- | :--- |
| $4$ | $sp^3$ | चतुष्फलकीय |
| $4$ | $dsp^2$ | वर्ग समतलीय |
| $5$ | $sp^3d$ | त्रिकोणीय द्विपिरामिडी |
| $6$ | $sp^3d^2$ | अष्टफलकीय |
| $6$ | $d^2sp^3$ | अष्टफलकीय |
संकर कक्षकों को उन लिगेंड कक्षकों के साथ अतिव्यापन (overlap) करने की अनुमति दी जाती है जो बंधन के लिए इलेक्ट्रॉन युग्म दान कर सकते हैं।
धातु आयन का प्रत्येक संकर कक्षक एक लिगेंड से एक इलेक्ट्रॉन युग्म प्राप्त करता है।
यदि $(n-1)d, ns, np$ कक्षक संकरण में भाग लेते हैं तो संकुल को आंतरिक कक्षक या निम्न चक्रण (low spin) कहा जाता है और यदि $ns, np, nd$ कक्षक संकरण में भाग लेते हैं तो इसे बाह्य कक्षक या उच्च चक्रण (high spin) कहा जाता है।
संयोजकता आबंध सिद्धांत के आधार पर किसी संकुल के चुंबकीय व्यवहार के ज्ञान से उसकी ज्यामिति की भविष्यवाणी करना संभव है। यदि सभी इलेक्ट्रॉन युग्मित हैं,तो संकुल प्रतिचुंबकीय (diamagnetic) है और यदि इलेक्ट्रॉन अयुग्मित हैं,तो यह अनुचुंबकीय (paramagnetic) है।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि संकर कक्षक वास्तव में मौजूद नहीं होते हैं। वास्तव में,संकरण शामिल परमाणु कक्षकों के लिए तरंग समीकरण का एक गणितीय हेरफेर है।

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सूची – $I$ को सूची – $II$ के साथ सुमेलित कीजिए:
सूची - $I$ (संकुल)सूची - $II$ (ज्यामिति)
$(a)$ $[Co(NH_3)_6]^{3+}$$(i)$ त्रिकोणीय द्विपिरामिडी
$(b)$ $[NiCl_4]^{2-}$(ii) अष्टफलकीय
$(c)$ $[Ni(CN)_4]^{2-}$(iii) चतुष्फलकीय
$(d)$ $[Fe(CO)_5]$(iv) वर्ग समतलीय

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए।

$[Cu(NH_3)_4]^{2+}$ की आकृति वर्ग समतलीय (square planar) है। इस संकुल में $Cu^{2+}$ आयन है:

कथन $1$: $[Ti(H_2O)_6]^{4+}$ रंगीन है जबकि $[Sc(H_2O)_6]^{3+}$ रंगहीन है।
कथन $2$: $[Sc(H_2O)_6]^{3+}$ में $d-d$ संक्रमण संभव नहीं है।

निकिल $(Z = 28)$ एक यूनीनेगेटिव मोनोडेंटेट लिगेंड के साथ मिलकर एक प्रतिचुंबकीय (diamagnetic) संकुल $[NiL_4]^{2-}$ बनाता है। संकुल में शामिल संकरण (hybridisation) और अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या क्रमशः क्या है?

$K[PtCl_3(C_2H_4)]$ की संरचना और $Pt$ का संकरण क्रमशः क्या है?

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