(N/A) परमाणु मॉडल का विकास कई चरणों से होकर गुजरा है:
$1$. थॉमसन का मॉडल: जे.जे. थॉमसन ने प्रस्तावित किया कि परमाणु एक धनावेशित गोला है जिसमें ऋणावेशित इलेक्ट्रॉन धंसे होते हैं,जैसे तरबूज में बीज होते हैं। कुल धनात्मक और ऋणात्मक आवेश बराबर होते हैं।
$2$. रदरफोर्ड का मॉडल: अर्नेस्ट रदरफोर्ड ने प्रस्तावित किया कि परमाणु के केंद्र में एक बहुत छोटा,धनावेशित नाभिक होता है जिसमें परमाणु का लगभग सारा द्रव्यमान निहित होता है। इलेक्ट्रॉन इस नाभिक के चारों ओर वृत्ताकार पथों में घूमते हैं।
$3$. बोहर का मॉडल: नील्स बोहर ने इस मॉडल को परिष्कृत करते हुए प्रस्तावित किया कि इलेक्ट्रॉन निश्चित,स्थिर कक्षाओं में घूमते हैं और ऊर्जा का विकिरण नहीं करते हैं।
वर्तमान में स्वीकृत मॉडल (बोहर-रदरफोर्ड मॉडल) की विशेषताएं:
$(i)$ परमाणु के केंद्र में एक छोटा,सघन और धनावेशित नाभिक होता है जहाँ पूरा द्रव्यमान केंद्रित होता है।
$(ii)$ इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर विशिष्ट और अच्छी तरह से परिभाषित वृत्ताकार कक्षाओं में घूमते हैं जिन्हें असतत ऊर्जा स्तर या कोश कहा जाता है,और इन कक्षाओं में घूमते समय वे ऊर्जा का ह्रास नहीं करते हैं।