आप इस तथ्य को कैसे समझाएंगे कि दो तारों का उपयोग समान पिच और लाउडनेस वाले लेकिन अलग गुणवत्ता (quality) वाले स्वर देने के लिए किया जा सकता है?

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(N/A) ध्वनि की 'गुणवत्ता' (quality) या 'टिम्बर' (timbre) उसमें मौजूद ओवरटोन्स या हार्मोनिक्स की उपस्थिति और उनकी सापेक्ष तीव्रता द्वारा निर्धारित की जाती है।
भले ही दो तार समान मूल आवृत्ति (पिच) और आयाम (लाउडनेस) वाले स्वर उत्पन्न करें,वे सामग्री,तनाव और छेड़ने के बिंदु के आधार पर अलग-अलग तरीकों से कंपन कर सकते हैं या उनकी हार्मोनिक संरचना अलग हो सकती है।
ये अतिरिक्त हार्मोनिक्स मूल आवृत्ति पर अध्यारोपित (superimpose) हो जाते हैं,जिससे प्रत्येक तार के लिए एक अद्वितीय तरंग रूप (waveform) बनता है।
इसलिए,इन हार्मोनिक्स का समग्र प्रभाव प्रत्येक तार के लिए ध्वनि की एक अलग 'गुणवत्ता' उत्पन्न करता है।

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$1540\, m s^{-1}$ के वेग वाले माध्यम में $5\, MHz$ अल्ट्रासाउंड की तरंगदैर्ध्य $0.3\, mm$ है।

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