(B) पशु प्रजनन वांछित लक्षणों को सुधारने के लिए व्यक्तियों के संभोग की प्रक्रिया है। विधियों को इस प्रकार वर्गीकृत किया गया है:
$(a)$ प्राकृतिक विधियाँ: इसमें अंतःप्रजनन (एक ही नस्ल के भीतर संभोग) और बहिःप्रजनन (विभिन्न नस्लों या प्रजातियों के बीच संभोग) शामिल हैं। बहिःप्रजनन के प्रकार:
$1$. बहिःसंकरण (Out-crossing): एक ही नस्ल के भीतर संभोग जिसमें $4-6$ पीढ़ियों तक कोई सामान्य पूर्वज न हों।
$2$. संकरण (Cross-breeding): एक ही प्रजाति की विभिन्न नस्लों के बीच संभोग ताकि संकर नस्ल उत्पन्न हो सके।
$3$. अंतरजातीय संकरण (Interspecific hybridization): दो अलग-अलग प्रजातियों के बीच संभोग।
$(b)$ कृत्रिम विधियाँ: इसमें आधुनिक तकनीकें शामिल हैं:
$1$. कृत्रिम गर्भाधान (Artificial Insemination): एक श्रेष्ठ नर से एकत्र किए गए वीर्य को मादा के प्रजनन पथ में इंजेक्ट किया जाता है।
$2$. मल्टीपल ओव्यूलेशन एम्ब्रियो ट्रांसफर टेक्नोलॉजी $(MOET)$: एक ऐसी तकनीक जिसमें हार्मोन द्वारा सुपर-ओव्यूलेशन प्रेरित किया जाता है,जिसके बाद कृत्रिम गर्भाधान और भ्रूण को सरोगेट माताओं में स्थानांतरित किया जाता है।
सबसे अच्छी विधि कृत्रिम विधियाँ हैं,विशेष रूप से $MOET$। ये श्रेष्ठ हैं क्योंकि ये वैज्ञानिक हैं,प्राकृतिक संभोग की सीमाओं को दूर करती हैं,श्रेष्ठ आनुवंशिक लक्षणों के तेजी से प्रसार की अनुमति देती हैं,और अत्यधिक किफायती हैं क्योंकि एक नर के वीर्य का उपयोग कई मादाओं को गर्भाधान कराने के लिए किया जा सकता है।