समझाइए कि बेंजीन में केवल एक ही मोनो-प्रतिस्थापन उत्पाद क्यों संभव है। इसकी संरचना और नाम के उदाहरण दीजिए।

Vedclass pdf generator app on play store
Vedclass iOS app on app store
(N/A) बेंजीन $(C_6H_6)$ में $6$ कार्बन परमाणुओं की एक समतलीय षट्कोणीय वलय होती है,जिसमें प्रत्येक कार्बन एक हाइड्रोजन परमाणु से जुड़ा होता है।
बेंजीन में सभी $6$ हाइड्रोजन परमाणु समान रासायनिक वातावरण में होते हैं।
इसलिए,इन $6$ हाइड्रोजन परमाणुओं में से किसी एक का भी प्रतिस्थापन किसी समूह $(A)$ द्वारा करने पर केवल एक ही प्रकार का मोनो-प्रतिस्थापित बेंजीन उत्पाद प्राप्त होता है।
उदाहरण:
$1$. मिथाइल बेंजीन (टोल्यूनि): $C_6H_5CH_3$
$2$. नाइट्रोबेंजीन: $C_6H_5NO_2$
$3$. क्लोरोबेंजीन: $C_6H_5Cl$
$4$. ब्रोमोबेंजीन: $C_6H_5Br$
$5$. एथिल बेंजीन: $C_6H_5CH_2CH_3$
$6$. हाइड्रॉक्सीबेंजीन (फिनोल): $C_6H_5OH$

Explore More

Similar Questions

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दें: समझाएं कि बेंजीन के एल्काइलेशन में किस प्रकार की क्रियाविधि शामिल है?

एक्टिवेटिंग ग्रुप (सक्रियकारी समूह) से क्या तात्पर्य है? उपयुक्त उदाहरणों के साथ समझाइए।

इस अभिक्रिया में,
$X$ और $Y$ क्रमशः क्या हैं :-

निम्नलिखित में से कौन सा यौगिक नॉन-एरोमैटिक (nonaromatic) है?

दी गई अभिक्रिया में बनने वाला मुख्य उत्पाद '$P$' है

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo