क्षार धातुओं $(M)$ की परमाणु त्रिज्या का क्रम $Li < Na < K < Rb$ है,लेकिन जलीय विलयन में $M^{+}$ आयनों की त्रिज्या का क्रम इसके विपरीत $Li^{+} > Na^{+} > K^{+} > Rb^{+}$ है। इस विपरीत क्रम का कारण क्या है ($Li$ से $Rb$ की ओर जाने पर)?

  • A
    आयनन ऊर्जा में क्रमिक वृद्धि
  • B
    धात्विक बंध की बढ़ती कमजोरी
  • C
    बढ़ता हुआ विद्युत-धनात्मक गुण
  • D
    जलयोजन की मात्रा में कमी

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$KO_2$ का उपयोग अंतरिक्ष और पनडुब्बियों में प्रयुक्त ऑक्सीजन सिलेंडरों में किया जाता है। $KO_2$ के इस उपयोग से संबंधित तथ्य है/हैं:

निम्नलिखित में से किस अभिक्रिया में हाइड्रोजन गैस मुक्त नहीं होती है?

अभिक्रिया पर विचार करें:
$KOH + O_3 \to$ रंगीन ठोस $(a) +$ गैस $(b) + H_2O$
$CORRECT$ कथन का चयन करें।

Difficult
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नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक को अभिकथन $A$ और दूसरे को कारण $R$ के रूप में लेबल किया गया है:
अभिकथन $A:$ धात्विक सोडियम द्रव अमोनिया में घुलकर गहरा नीला विलयन देता है,जो अनुचुंबकीय (paramagnetic) होता है।
कारण $R:$ गहरा नीला विलयन एमाइड के निर्माण के कारण होता है।
उपर्युक्त कथनों के आलोक में,नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए:

निम्नलिखित में से किस खनिज से $Ra$ (रेडियम) प्राप्त किया जाता है?

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