निम्नलिखित अभिक्रिया में प्राप्त उत्पादों ($B$ और $C$) के मिश्रण को अलग करने के लिए किस विधि का उपयोग किया जाता है?

  • A
    साधारण आसवन
  • B
    ऊर्ध्वपातन
  • C
    भाप आसवन
  • D
    प्रभाजी आसवन

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कॉलम-$I$ और कॉलम-$II$ की वस्तुओं का मिलान करें।
कॉलम-$I$ (यौगिकों का मिश्रण) कॉलम-$II$ (पृथक्करण तकनीक)
$A$. $H_2O / CH_2Cl_2$ $I$. क्रिस्टलीकरण
$B$. $\alpha$-टेट्रालोन / $p$-नाइट्रोफिनोल $II$. विभेदक विलायक निष्कर्षण
$C$. केरोसिन / नेफ़थलीन $III$. कॉलम क्रोमैटोग्राफी
$D$. $C_6H_{12}O_6 / NaCl$ $IV$. प्रभाजी आसवन

सही मिलान है:

निम्नलिखित में से सही कथनों की पहचान कीजिए:
$(i)$ इलेक्ट्रोमेरिक प्रभाव एक स्थायी प्रभाव है।
$(ii)$ अतिसंयुग्मन (Hyperconjugation) एक अस्थायी प्रभाव है।
$(iii)$ यदि दो द्रवों के क्वथनांकों में अंतर कम हो,तो उन्हें मिश्रण से अलग करने के लिए प्रभाजी आसवन का उपयोग किया जाता है।
$(iv)$ विभिन्न यौगिक एक अधिशोषक पर अलग-अलग सीमा तक अधिशोषित होते हैं।

क्रोमैटोग्राम क्या है?

एक तरल यौगिक $(x)$ को भाप आसवन (steam distillation) द्वारा केवल तभी शुद्ध किया जा सकता है यदि वह

पतली परत क्रोमैटोग्राफी $(TLC)$ के बारे में लिखें।

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