एक धातु के लिए देहली आवृत्ति (threshold frequency) $15 \times 10^{14} \,Hz$ है। $6000 \text{ Å}$ तरंगदैर्ध्य का प्रकाश धातु की सतह पर गिरता है। निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है? [प्रकाश का वेग, $c = 3 \times 10^{8} \,m/s$]

  • A
    फोटोइलेक्ट्रॉन $c$ वेग के साथ उत्सर्जित होते हैं।
  • B
    फोटोइलेक्ट्रॉन $3 \times 10^{6} \,m/s$ वेग के साथ बाहर आते हैं।
  • C
    फोटोइलेक्ट्रॉन शून्य वेग के साथ बाहर आते हैं।
  • D
    फोटोइलेक्ट्रॉन उत्सर्जित नहीं होंगे।

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यदि $PEE$ में आपतित प्रकाश की तीव्रता बढ़ाई जाती है,तो निम्नलिखित में से कौन सा सत्य है?

धातु की प्लेट पर गिरने वाले प्रकाश की तीव्रता $(I)$ और उत्पन्न फोटोइलेक्ट्रिक धारा $(i)$ के बीच का ग्राफ है:

वक्र $(a), (b), (c)$ और $(d)$ प्रकाश की दो अलग-अलग तीव्रताओं $(I_1 > I_2)$ पर अनुप्रयुक्त विभवांतर $(V)$ और प्रकाश-विद्युत धारा $(i)$ के बीच परिवर्तन को दर्शाते हैं। किस चित्र में सही परिवर्तन दिखाया गया है?

फोटोसेल के लिए धारा $(i)$ और विभवांतर $(V)$ के बीच का वक्र कैसा होगा?

सोडियम धातु की सतह से उत्सर्जित होने वाले फोटो-इलेक्ट्रॉन ऐसे होते हैं कि

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