द्वितीयक वृद्धि से क्या तात्पर्य है? इसके प्रकार कौन-कौन से हैं?

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(N/A) $\rightarrow$ प्राथमिक वृद्धि: शीर्षस्थ विभज्योतक (apical meristem) की सक्रियता के कारण जड़ और तने की लंबाई में होने वाली वृद्धि को प्राथमिक वृद्धि कहते हैं।
$\rightarrow$ द्वितीयक वृद्धि: द्विबीजपत्री पौधों में प्राथमिक वृद्धि पूर्ण होने के बाद,पौधे के शरीर की मोटाई या घेरे में होने वाली वृद्धि को द्वितीयक वृद्धि कहा जाता है।
$\rightarrow$ द्वितीयक वृद्धि के प्रकार: द्वितीयक वृद्धि मुख्य रूप से दो प्रकार के पार्श्व विभज्योतक (lateral meristems) द्वारा होती है:
$1$. संवहनी एधा (Vascular cambium): यह द्वितीयक जाइलम और द्वितीयक फ्लोएम के उत्पादन के लिए उत्तरदायी है।
$2$. कॉर्क एधा (Cork cambium/Phellogen): यह परित्वक (कॉर्क और द्वितीयक वल्कुट) के निर्माण के लिए उत्तरदायी है।

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पादपों में द्वितीयक वृद्धि के दौरान,तने का काग-एधा (phellogen) दोनों ओर कोशिकाओं को काटता है। बाहरी कोशिकाएं ...$A$... में और आंतरिक कोशिकाएं ...$B$... वल्कुट में विभेदित हो जाती हैं।
उपरोक्त कथन के संदर्भ में $A$ और $B$ का सही संयोजन चुनिए।

कैम्बियम का एक निरंतर वलय किसके द्वारा बनता है?

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