जब कोई रेडियोधर्मी पदार्थ एक $\alpha$-कण उत्सर्जित करता है,तो आवर्त सारणी में उसका स्थान कितना नीचे चला जाता है?

  • A
    एक स्थान
  • B
    दो स्थान
  • C
    तीन स्थान
  • D
    चार स्थान

Explore More

Similar Questions

एक रेडियोधर्मी तत्व $3$ क्रमिक विघटनों के बाद अपना ही समस्थानिक (आइसोटोप) बनाता है। उत्सर्जित कण हैं

नाभिकीय अभिक्रिया $_{85}X^{297} \to Y + 4\alpha$ में,$Y$ है:

${ }_{82}^{290} X \xrightarrow{\alpha} Y \xrightarrow{e^{+}} Z \xrightarrow{\beta^{-}} P \xrightarrow{e^{-}} Q$
ऊपर दिए गए परमाणु उत्सर्जन में, उत्पाद $Q$ की द्रव्यमान संख्या और परमाणु संख्या क्रमशः क्या हैं?

$U^{238}$ एक $\alpha$-कण के उत्सर्जन द्वारा $Th^{234}$ में क्षयित होता है। इसके बाद रेडियोधर्मी क्षय की एक श्रृंखला होती है,जो या तो $\alpha$-क्षय या $\beta$-क्षय द्वारा होती है। अंततः एक स्थिर न्यूक्लाइड प्राप्त होता है और उसके बाद,कोई और रेडियोधर्मी क्षय संभव नहीं है। निम्नलिखित में से कौन सा स्थिर न्यूक्लाइड $U^{238}$ रेडियोधर्मी क्षय श्रृंखला का अंतिम उत्पाद है?

एक रेडियोधर्मी क्षय श्रृंखला अभिक्रिया में,${ }_{90}^{230} Th$ नाभिक ${ }_{84}^{214} Po$ नाभिक में क्षयित होता है। इस प्रक्रिया में उत्सर्जित $\alpha$ कणों की संख्या और $\beta^{-}$ कणों की संख्या का अनुपात क्या है?

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo