जब पारे (mercury) की बूंदों को कांच की एक साफ सतह पर रखा जाता है,तो वे मिलकर एक एकल बूंद बन जाती हैं। व्याख्या कीजिए।

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(N/A) पारे के अणुओं और कांच के अणुओं के बीच लगने वाला आसंजक बल (adhesive force) कमजोर होता है,जबकि पारे के अणुओं के बीच लगने वाला ससंजक बल (cohesive force) बहुत मजबूत होता है।
चूंकि ससंजक बल आसंजक बल की तुलना में बहुत अधिक होता है,इसलिए पारे के अणु कांच की सतह पर फैलने के बजाय एक-दूसरे के साथ जुड़े रहना पसंद करते हैं।
परिणामस्वरूप,पारे की बूंदें कांच की सतह को गीला नहीं करती हैं और अपने पृष्ठीय क्षेत्रफल को कम करने के लिए आपस में मिलकर एक बड़ी बूंद का निर्माण करती हैं।

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