यहाँ दिखाई गई प्रत्येक जोड़ी में से आप किस अम्ल को अधिक प्रबल मानेंगे?
$(i)$ $CH_3CO_2H$ या $CH_2FCO_2H$
$(ii)$ $CH_2FCO_2H$ या $CH_2ClCO_2H$
$(iii)$ $CH_2FCH_2CH_2CO_2H$ या $CH_3CHFCH_2CO_2H$
$(iv)$ $F_3C-C_6H_4-COOH$ या $H_3C-C_6H_4-COOH$

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(N/A) $(i)$ $-CH_3$ समूह का $+I$ प्रभाव $O-H$ बंध पर इलेक्ट्रॉन घनत्व को बढ़ाता है,जिससे प्रोटॉन का निकलना कठिन हो जाता है। इसके विपरीत,$F$ का $-I$ प्रभाव $O-H$ बंध पर इलेक्ट्रॉन घनत्व को कम करता है,जिससे प्रोटॉन आसानी से निकल जाता है। इसलिए,$CH_2FCO_2H$ अम्ल $CH_3CO_2H$ से अधिक प्रबल है।
$(ii)$ $F$ का $-I$ प्रभाव $Cl$ से अधिक प्रबल होता है। इसलिए,$CH_2FCO_2H$ अम्ल $CH_2ClCO_2H$ की तुलना में अधिक आसानी से प्रोटॉन मुक्त कर सकता है। अतः,$CH_2FCO_2H$ अधिक प्रबल अम्ल है।
$(iii)$ प्रेरणिक प्रभाव (Inductive effect) दूरी बढ़ने के साथ घटता है। $CH_3CHFCH_2CO_2H$ में $F$ का $-I$ प्रभाव $CH_2FCH_2CH_2CO_2H$ की तुलना में कार्बोक्सिल समूह के अधिक निकट है। अतः,$CH_3CHFCH_2CO_2H$ अधिक प्रबल अम्ल है।
$(iv)$ $-CF_3$ समूह के प्रबल $-I$ प्रभाव के कारण,$p-(trifluoromethyl)benzoic$ अम्ल में प्रोटॉन का निकलना आसान है। इसके विपरीत,$p-toluic$ अम्ल में $-CH_3$ समूह का $+I$ प्रभाव प्रोटॉन के निकलने को कठिन बनाता है। इसलिए,$F_3C-C_6H_4-COOH$ अम्ल $H_3C-C_6H_4-COOH$ से अधिक प्रबल है।

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निम्नलिखित में से सही कथनों की पहचान करें :
a) संकरण में परिवर्तन कार्बन की विद्युत ऋणात्मकता को प्रभावित करता है
b) एथीन में $p$ कक्षक परस्पर समानांतर होते हैं
c) प्रोपाइन में $\sigma$ बंधों की संख्या $6$ है
d) इलेक्ट्रोमेरिक प्रभाव एक स्थायी प्रभाव है

$\pi$ बंध और निकटवर्ती परमाणु पर उपस्थित इलेक्ट्रॉनों के एकाकी युग्म (lone pair) के बीच की परस्पर क्रिया किसके लिए जिम्मेदार है?

निम्नलिखित एल्कोक्साइड्स के लिए स्थिरता का सही क्रम क्या है:
$(A)$ $CH_3CH(NO_2)O^-$
$(B)$ $CH_2=C(NO_2)O^-$
$(C)$ $O_2N-CH=CH-O^-$

निम्नलिखित में से कौन से कथन सही हैं?
$(i)$ क्लोरोबेंजीन में प्रेरणिक प्रभाव (Inductive effect) और अनुनाद प्रभाव (Resonance effect) संभव हैं।
$(ii)$ एनीसोल में अनुनाद प्रभाव,प्रेरणिक प्रभाव पर हावी होता है।
$(iii)$ $p-$नाइट्रोबेंजोइक एसिड,$m-$नाइट्रोबेंजोइक एसिड की तुलना में कम अम्लीय है।
$(iv)$ डाइफेनिलएमीन,एनीलिन की तुलना में अधिक क्षारीय है।

निम्नलिखित संरचना में कार्बन-मैग्नीशियम बंध का ध्रुवीकरण दर्शाइए: $CH_3-CH_2-CH_2-CH_2-MgX$.

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