(N/A) न्यूरॉन्स को उत्तेजनीय कोशिकाएं कहा जाता है क्योंकि उनकी झिल्ली ध्रुवीकृत (polarized) अवस्था में होती है। न्यूरॉन की झिल्ली में विभिन्न प्रकार के आयन चैनल होते हैं,जो इसे विभिन्न आयनों के लिए चयनात्मक रूप से पारगम्य (selectively permeable) बनाते हैं।
जब कोई उद्दीपन (stimulus) न्यूरॉन तक पहुंचता है,तो यह विश्राम झिल्ली विभव (resting membrane potential) में परिवर्तन का कारण बनता है,जिससे विध्रुवण (depolarization) होता है। यह विक्षोभ एक्सोन (axon) के साथ क्रिया विभव (action potential) के रूप में आगे बढ़ता है।
न्यूरॉन की झिल्ली (न्यूरिलेम्मा/एक्सोलेम्मा) की विशेष विशेषताएं इस प्रकार हैं:
$(a)$ उत्तेजनीयता: न्यूरॉन्स उद्दीपनों के प्रति प्रतिक्रिया कर सकते हैं,जिससे उनकी झिल्ली के विभव में परिवर्तन होता है और वे विश्राम अवस्था से सक्रिय अवस्था में आ जाते हैं।
$(b)$ चालकता: एक बार क्रिया विभव उत्पन्न हो जाने पर,यह एक्सोन की पूरी लंबाई के साथ संचालित होता है।
$(c)$ संयोजकता: न्यूरॉन्स एक-दूसरे से जुड़कर जटिल नेटवर्क बनाते हैं,जिससे संकेतों को अन्य न्यूरॉन्स या प्रभावक कोशिकाओं तक पहुँचाया जा सकता है।
$(d)$ प्रतिक्रियाशीलता: न्यूरॉन्स आने वाले संकेतों को संसाधित कर सकते हैं और उद्दीपनों के प्रति उपयुक्त प्रतिक्रिया उत्पन्न कर सकते हैं।