अम्ल और क्षार की आर्हेनियस अवधारणा को समझाइए।

Vedclass pdf generator app on play store
Vedclass iOS app on app store
(N/A) परिभाषा: आर्हेनियस सिद्धांत के अनुसार,अम्ल वे पदार्थ हैं जो जल में वियोजित होकर हाइड्रोजन आयन $(H_{(aq)}^{+})$ देते हैं। आर्हेनियस सिद्धांत के अनुसार,क्षार वे पदार्थ हैं जो हाइड्रॉक्सिल आयन $(OH_{(aq)}^{-})$ उत्पन्न करते हैं।
अम्ल का सामान्य सूत्र $HX$ है और क्षार का सामान्य सूत्र $MOH$ है।
जलीय विलयन में अम्ल $HX$ का आयनीकरण:
$HX_{(aq)} \longrightarrow H_{(aq)}^{+} + X_{(aq)}^{-}$
या
$HX_{(aq)} + H_{2}O_{(l)} \longrightarrow H_{3}O_{(aq)}^{+} + X_{(aq)}^{-}$
नोट: एक मुक्त प्रोटॉन $H^{+}$ अत्यधिक सक्रिय होता है और जलीय विलयन में स्वतंत्र रूप से अस्तित्व में नहीं रह सकता है। इसलिए,यह पानी के अणु के ऑक्सीजन परमाणु के साथ जुड़कर हाइड्रोनियम आयन $(H_{3}O^{+})$ बनाता है।
$H_{(aq)}^{+} + H_{2}O_{(l)} \longrightarrow H_{3}O_{(aq)}^{+}$
जलीय विलयन में क्षार $MOH$ का आयनीकरण:
$MOH_{(aq)} \longrightarrow M_{(aq)}^{+} + OH_{(aq)}^{-}$
आर्हेनियस अवधारणा की सीमाएँ:
$(i)$ यह केवल जलीय विलयनों पर लागू होती है।
$(ii)$ यह अमोनिया $(NH_{3})$ जैसे पदार्थों की क्षारीयता की व्याख्या नहीं करती है,जिनमें हाइड्रॉक्सिल समूह नहीं होता है।
$(iii)$ यह $H^{+}$ आयन की स्थिरता की व्याख्या नहीं करती है।

Explore More

Similar Questions

निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है?

$NH_4^+ + S^{2-} \rightarrow NH_3 + HS^-$ अभिक्रिया में,$NH_4^+$ और $S^{2-}$ के सापेक्ष $NH_3$ और $HS^-$ क्या हैं?

$HPO_4^{2-}$ का संयुग्मी अम्ल (conjugate acid) क्या है?

निम्नलिखित में से किस उर्वरक के नियमित उपयोग से मिट्टी की अम्लता बढ़ जाती है?

$NH_3$ का संयुग्मी क्षार (conjugate base) क्या है?

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo