जिंक ब्लेंड से जिंक के निष्कर्षण में होने वाली रासायनिक अभिक्रियाएँ लिखिए।

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(N/A) जिंक ब्लेंड $(ZnS)$ से जिंक के निष्कर्षण में निम्नलिखित चरण शामिल हैं:
$(i)$ अयस्क का सांद्रण: अयस्क को फेन प्लवन विधि द्वारा सांद्रित किया जाता है।
$(ii)$ भर्जन (Roasting): सांद्रित अयस्क को वायु की नियमित आपूर्ति में गर्म करके जिंक ऑक्साइड में परिवर्तित किया जाता है।
$2 ZnS + 3 O_{2} \longrightarrow 2 ZnO + 2 SO_{2}$
$(iii)$ अपचयन: जिंक ऑक्साइड को कोक के साथ गर्म करके जिंक धातु में अपचयित किया जाता है।
$ZnO + C \xrightarrow{673 \ K} Zn + CO$
$(iv)$ विद्युत अपघटनी शोधन: अशुद्ध जिंक को विद्युत अपघटन द्वारा शोधित किया जाता है,जिसमें जिंक सल्फेट $(ZnSO_{4})$ के अम्लीय विलयन का उपयोग विद्युत अपघट्य के रूप में किया जाता है।
एनोड: $Zn \longrightarrow Zn^{2+} + 2e^{-}$
कैथोड: $Zn^{2+} + 2e^{-} \longrightarrow Zn$

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$(1)$ इसका उपयोग नमी को दूर करने के लिए किया जाता है।
$(2)$ इसका उपयोग कार्बोनेट के अपघटन के लिए किया जाता है।
$(3)$ इसका उपयोग वाष्पशील अशुद्धियों को दूर करने के लिए किया जाता है।

निम्नलिखित में से कौन सा कथन असत्य है?

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