(N/A) सममिति का तात्पर्य जीव के शरीर के अंगों की केंद्रीय अक्ष के सापेक्ष व्यवस्था से है। सममिति के आधार पर,जंतुओं को तीन मुख्य प्रकारों में वर्गीकृत किया जा सकता है:
$1$. असममित (Asymmetrical): जब शरीर को केंद्र से गुजरने वाली किसी भी तल द्वारा दो समान भागों में विभाजित नहीं किया जा सकता है,तो इसे असममित कहा जाता है (उदाहरण: स्पंज)।
$2$. अरीय सममिति (Radial Symmetry): जब शरीर की केंद्रीय अक्ष से गुजरने वाला कोई भी तल जीव को दो समान भागों में विभाजित करता है,तो इसे अरीय सममिति कहा जाता है (उदाहरण: सीलेन्ट्रेट्स,टीनोफोर्स और इकाइनोडर्म्स)।
$3$. द्विपार्श्व सममिति (Bilateral Symmetry): जब शरीर को केवल एक ही तल द्वारा बाएं और दाएं समान भागों में विभाजित किया जा सकता है,तो इसे द्विपार्श्व सममिति कहा जाता है (उदाहरण: एनेलिड्स,आर्थ्रोपोड्स,आदि)।