जल की उभयधर्मी (amphoteric) प्रकृति को समझाने के लिए दो अभिक्रियाएँ लिखिए।

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(N/A) जल उभयधर्मी प्रकृति का होता है,जिसका अर्थ है कि यह अम्ल और क्षार दोनों के रूप में कार्य कर सकता है।
$1$. अम्ल के रूप में ($NH_3$ जैसे क्षार के साथ अभिक्रिया):
$H_2O(l) + NH_3(aq) \rightleftharpoons OH^-(aq) + NH_4^+(aq)$
$2$. क्षार के रूप में ($H_2S$ जैसे अम्ल के साथ अभिक्रिया):
$H_2O(l) + H_2S(aq) \rightleftharpoons H_3O^+(aq) + HS^-(aq)$
ये अभिक्रियाएँ दर्शाती हैं कि जल अम्ल के रूप में कार्य करने के लिए प्रोटॉन $(H^+)$ दान कर सकता है या क्षार के रूप में कार्य करने के लिए प्रोटॉन स्वीकार कर सकता है।

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सूची-$I$ को सूची-$II$ के साथ सुमेलित कीजिए और नीचे दिए गए कूट का उपयोग करके सही उत्तर चुनिए।
सूची-$I$ सूची-$II$
$1.$ भारी जल $(a)$ जल में $Ca$ और $Mg$ के बाइकार्बोनेट
$2.$ अस्थायी कठोर जल $(b)$ जल में कोई बाहरी आयन न होना
$3.$ मृदु जल $(c)$ $D_2O$
$4.$ स्थायी कठोर जल $(d)$ जल में $Ca$ और $Mg$ के सल्फेट और क्लोराइड

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