(N/A) $DNA$ फिंगरप्रिंटिंग में $DNA$ अनुक्रम के विशिष्ट क्षेत्रों में अंतर की पहचान करना शामिल है,जिन्हें पुनरावृत्त $DNA$ (repetitive $DNA$) कहा जाता है। इसके चरण निम्नलिखित हैं:
$1$. $DNA$ का पृथक्करण।
$2$. रिस्ट्रिक्शन एंडोन्यूक्लिएज द्वारा $DNA$ का पाचन।
$3$. इलेक्ट्रोफोरेसिस द्वारा $DNA$ खंडों का पृथक्करण।
$4$. पृथक किए गए $DNA$ खंडों को नाइट्रोसेल्यूलोज या नायलॉन जैसी सिंथेटिक झिल्ली पर स्थानांतरित (ब्लॉटिंग) करना।
$5$. लेबल किए गए $VNTR$ प्रोब का उपयोग करके संकरण (Hybridization)।
$6$. ऑटोरेडियोग्राफी द्वारा संकरित $DNA$ खंडों का पता लगाना।
$DNA$ फिंगरप्रिंटिंग को एलेक जेफ्रीस द्वारा विकसित किया गया था। यह प्रोब के रूप में $VNTR$ (वेरिएबल नंबर ऑफ टैंडम रिपीट्स) का उपयोग करता है क्योंकि वे उच्च स्तर की बहुरूपता (polymorphism) प्रदर्शित करते हैं।