(N/A) व्यसन (Addiction) नशीले पदार्थों और अल्कोहल से जुड़ी मनोवैज्ञानिक निर्भरता की स्थिति है,जिसमें व्यक्ति उत्साह (euphoria) और अस्थायी खुशी की भावनाओं के लिए इनका उपयोग करता है। भले ही व्यक्ति जानता है कि इन पदार्थों का उपयोग हानिकारक है,फिर भी वह मनोवैज्ञानिक लालसा के कारण इनका सेवन जारी रखता है।
नशीले पदार्थों या अल्कोहल के बार-बार उपयोग से शरीर में मौजूद रिसेप्टर्स की सहनशीलता (tolerance) बढ़ जाती है। परिणामस्वरूप,ये रिसेप्टर्स केवल उच्च मात्रा में ही प्रतिक्रिया देते हैं,जिससे व्यक्ति अधिक मात्रा में पदार्थ लेने के लिए प्रेरित होता है और व्यसनी बन जाता है।
निर्भरता (Dependence) शरीर की वह स्थिति है जिसमें यदि नियमित रूप से लिए जा रहे नशीले पदार्थ या अल्कोहल का सेवन अचानक बंद कर दिया जाए,तो शरीर 'विड्रॉल सिंड्रोम' (withdrawal syndrome) प्रदर्शित करता है। इसके लक्षणों में बेचैनी,कंपकंपी,मतली और पसीना आना शामिल हैं। जब पदार्थ का सेवन फिर से शुरू किया जाता है,तो इन लक्षणों से राहत मिल सकती है। कुछ मामलों में,ये लक्षण गंभीर और जानलेवा हो सकते हैं,जिसके लिए चिकित्सा देखरेख की आवश्यकता होती है।
निर्भरता के कारण,व्यक्ति अपनी आवश्यकता को पूरा करने के लिए सामाजिक मानदंडों की अनदेखी कर सकता है और अवैध या अनैतिक गतिविधियों में शामिल हो सकता है,जिससे गंभीर सामाजिक और व्यक्तिगत समस्याएं उत्पन्न होती हैं।