(N/A) फिनोल की अम्लीय अभिक्रियाएँ: फिनोल की अम्लीय अभिक्रियाओं में $O-H$ बंध टूटता है,जिससे फिनोक्साइड आयन बनते हैं।
$(i)$ सक्रिय धातुओं $(Na, Al)$ और क्षार $(NaOH, KOH)$ के साथ अभिक्रिया: फिनोल सोडियम और पोटेशियम जैसी सक्रिय धातुओं के साथ अभिक्रिया करके फिनोक्साइड यौगिक बनाते हैं और हाइड्रोजन गैस मुक्त करते हैं।
$(ii)$ जलीय क्षार के साथ अभिक्रिया: फिनोल जलीय सोडियम हाइड्रॉक्साइड के साथ अभिक्रिया करके सोडियम फिनोक्साइड बनाता है।
$NaOH$ के साथ फिनोल की यह अभिक्रिया दर्शाती है कि फिनोल अल्कोहल की तुलना में अधिक प्रबल अम्ल है।
$(b)$ फिनोल की अम्लीय प्रकृति: उपरोक्त अभिक्रियाएँ दर्शाती हैं कि फिनोलिक यौगिक प्रकृति में अम्लीय होते हैं। वास्तव में,फिनोल ब्रोंस्टेड अम्ल हैं और वे एक प्रबल क्षार $(:B^-)$ को प्रोटॉन दान कर सकते हैं।
$(c)$ फिनोल की अम्लता: धातुओं (सोडियम,एल्युमिनियम) और सोडियम हाइड्रॉक्साइड के साथ फिनोल की अभिक्रियाएँ सिद्ध करती हैं कि फिनोल प्रकृति में अम्लीय है।