(N/A) अंतराकाशी यौगिक वे होते हैं जो तब बनते हैं जब संक्रमण धातुओं के क्रिस्टल जालक में $H, C,$ या $N$ जैसे छोटे परमाणु फंस जाते हैं।
उदाहरण: $TiC, Mn_4N, Fe_3H, VH_{0.56}, TiH_{1.7}$ आदि।
ये यौगिक सामान्यतः अ-रससमीकरणमितीय (non-stoichiometric) होते हैं और न तो आयनिक होते हैं और न ही सहसंयोजक। इनके सूत्र धातु की किसी सामान्य ऑक्सीकरण अवस्था के अनुरूप नहीं होते हैं।
अंतराकाशी यौगिकों के भौतिक और रासायनिक गुण:
$(i)$ इनके गलनांक उच्च होते हैं,जो शुद्ध धातुओं के गलनांक से भी अधिक होते हैं।
$(ii)$ ये बहुत कठोर होते हैं। कुछ बोराइड्स की कठोरता हीरे के समान होती है।
$(iii)$ ये धात्विक चालकता बनाए रखते हैं।
$(iv)$ ये रासायनिक रूप से निष्क्रिय होते हैं।